ट्रंप का नॉर्वे को धमकी के साथ संदेश, मुझे नोबेल नहीं दिया इसलिए शांति अब प्राथमिकता नहीं

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर को युद्ध से भरा संदेश भेजा है। उन्होंने लिखा है कि उन्हें नोबेल पुरस्कार नहीं दिया गया है, इसलिए शांति उनके लिए कोई प्राथमिकता नहीं रह गई है। ट्रंप ने नॉर्वे को कहा है कि वो डेनमार्क से कहे कि ग्रीनलैंड को अमेरिका को सौंप दिया जाए। आपको बता दें कि नॉर्वे की राजधानी ओस्लो से ही नोबेल पुरस्कार विजेता का ऐलान किया जाता है। PBS की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने लिखा है कि “यह देखते हुए कि आपके देश ने 8 से ज्यादा युद्ध रोकने के लिए मुझे नोबेल शांति पुरस्कार नहीं देने का फैसला किया, अब मुझे पूरी तरह से शांति के बारे में सोचने की कोई जिम्मेदारी महसूस नहीं होती।”
डोनाल्ड ट्रंप ने इसके बाद ग्रीनलैंड की तरफ रुख किया और लगे हाथ नॉर्वे को धमका डाला। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि ग्रीनलैंड पर अगर रूस या चीन का हमला होता है, तो डेनमार्क बचाव करने लायक नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने रिकॉर्ड की तुलना बराक ओबामा के 2009 के पुरस्कार से की। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने अकेले ही ऐसी निवारक शक्ति फिर से बनाई है जिसका बीजिंग और मॉस्को सम्मान करते हैं। आपको बता दें कि ट्रंप बार बार दुनिया में 8 युद्ध को रोकने की बात करते रहते हैं, जिनमें भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल मई में हुआ संघर्ष भी शामिल है।
नॉर्वे के पीएम को डोनाल्ड ट्रंप ने धमकाया
डोनाल्ड ट्रंप का ये लहजा नॉर्वे को धमकाने जैसा है। नॉर्वे ने ग्रीनलैंड की रक्षा करने की बात कहते हुए अपनी सेना को भी तैनात करने की बात कही है। वहीं, डेनमार्क की PM मेटे फ्रेडरिकसेन ने रविवार को डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ ब्लैकमेल को खारिज कर दिया। ट्रंप ने 1 फरवरी से फ्रांस, जर्मनी, UK, डेनमार्क, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और फिनलैंड से आने वाले सामानों पर 10% टैक्स लगाने की बात कही है। वहीं, ग्रीनलैंड डील न होने पर 1 जून से इन देशों पर टैरिफ बढ़कर 25% हो जाएगा। सोमवार सुबह उन्होंने इस इलाके के पास रूसी खतरों को लेकर डेनमार्क को NATO की 20 साल पुरानी चेतावनी को दोहराया।
ग्रीनलैंड को लेकर विवाद काफी बढ़ चुका है। हालांकि कई नाटो देश चुप हैं, तो कुछ देशों ने ट्रंप के ग्रीनलैड प्लान सख्त रुख अपनाया है। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और फिनलैंड के अलेक्जेंडर स्टब सहित यूरोपीय देशों ने डेनमार्क का साथ दिया है और बिना किसी आर्थिक दबाव के आर्कटिक में नाटो की प्रतिबद्धताओं पर जोर दिया है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, डेनमार्क और नॉर्वे मिलकर जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं। ये दोनों देश इसपर साझा बयान जारी कर सकते हैं। वहीं, जैसे ही टैरिफ लगने का वक्त करीब आ रहा हैं, ब्रसेल्स के डिप्लोमैट जवाबी उपायों पर चर्चा कर रहे हैं।



